Insaan Ki Fitrat
इंसान की फ़ितरत है,
हमेशा कुछ और चाहना,
जो मिला उसकी क़दर नहीं,
जो नहीं वो पाना।
Insaan ki fitrat hai,
Hamesha kuch aur chaahna,
Jo mila uski qadar nahi,
Jo nahi woh paana.
انسان کی فطرت ہے، ہمیشہ کچھ اور چاہنا
Human nature always wants something more: we do not value what we have and chase what we do not.
इंसान बनो,
महान बनो,
दूसरों के दुख में,
काम आओ।
सच का रास्ता कठिन है,
पर मंज़िल ख़ूबसूरत है,
झूठ की राह आसान है,
पर उसका अंत कड़वा है।
मेहनत का फल मीठा है,
आराम में मज़ा नहीं,
जो पसीना बहाए,
उसे रोकने वाला कोई नहीं।
ज़िंदगी एक खेल है,
हार-जीत तो होती है,
जो डटकर खेले,
उसे कामयाबी मिलती है।
ख़ुद से प्यार करो,
तभी दूसरों से कर पाओगे,
अपनी कमियों को सुधारो,
तभी आगे बढ़ पाओगे।
ज़िंदगी एक सफ़र है,
हर मोड़ नया है,
कुछ खोते हैं, कुछ पाते हैं,
यही जीने का मज़ा है।