Tujhme Rabb Dikhta
तुझ में रब्ब दिखता है,
हर साँस में तू है,
जो माँगा था ज़िंदगी में,
सब कुछ तू ही है।
Tujh mein rabb dikhta hai,
Har saans mein tu hai,
Jo maanga tha zindagi mein,
Sab kuch tu hi hai.
تجھ میں رب دکھتا ہے، ہر سانس میں تو ہے
The speaker sees God in the beloved, who is in every breath; everything ever wished for in life is them.
इश्क़ का सफ़र लंबा है,
मगर तेरे साथ आसान है,
कोई मंज़िल नहीं चाहिए,
बस तेरा साथ चाहिए।
तेरी आवाज़ सुनकर,
सब कुछ भूल जाता है,
एक पल में ही मेरा,
सारा जहाँ बदल जाता है।
सिर्फ़ तुम हो मेरे,
बाकी सब बेगाने हैं,
तेरे बिना यह दुनिया,
सूनी-सूनी लगती है।
वो एक पल तुम्हारे साथ,
हज़ार साल जैसा लगता है,
मोहब्बत में वक़्त नहीं होता,
बस एहसास होता है।
प्यार की इबादत में,
कोई भेद नहीं होता,
दिल जब सच्चा होता है,
रब भी मदद करता है।
पहली मोहब्बत का जादू,
कभी नहीं जाता भूल,
जो एक बार दिल में उतरी,
वो रहती है हरदम।