شاعری کی دنیا میں خوش آمدید
آج کی شاعری — Featured Shayari
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
दर्द को शब्दों में कहाँ कह सकता हूँ,
चुप रहकर भी तो दुखता है दिल,
जो समझे वो साथ है मेरे,
जो न समझे वो भीड़ में शामिल।
तुमसे मिलना जैसे,
पहली बारिश का एहसास,
ना भूला जाए कभी,
ना बताया जाए किसी को।
आँखों की नमी छुपाता हूँ,
सबके सामने मुस्कुराता हूँ,
मगर अकेले में जब रोता हूँ,
तब अपना असली चेहरा पाता हूँ।
तेरी ख़ुशबू अब भी आती है,
उन यादों की पगडंडी पर,
जहाँ हम साथ चलते थे,
वहाँ अब सिर्फ़ मैं हूँ।
ग़म का साथी बन गई रात,
दिन तो बस गुज़रता है,
सुबह होने से डर लगता है,
फिर वही दर्द उभरता है।
चाँद से भी सुंदर तुम हो,
तारों से भी रोशन तुम,
ज़मीन पर एक नूर हो,
मेरी ज़िंदगी का सुरूर हो।
तुम्हारे बिना अधूरा हूँ मैं,
जैसे बिन पानी नदी,
तुम्हारे साथ पूरा हूँ मैं,
जैसे मिले प्यार पहली बारी।
तेरी आहट सुनकर,
दिल धड़कने लगता है,
जैसे बहार आती है,
हर कली खिलने लगती है।
नई राह बनाना ही असली हुनर है,
जो दूसरों की राह पर चले,
वो मंज़िल नहीं पाते,
जो खुद का रास्ता बनाए।
पंख फैलाओ, उड़ान भरो,
सिर्फ़ आसमान तुम्हारा है,
ज़मीन पर रहने वाले,
आसमान नहीं पाते।
हर रात के बाद सुबह है,
हर दर्द के बाद ख़ुशी है,
हार मत मानो दोस्तों,
ज़िंदगी बहुत सुंदर है।