Teri Yaad
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
Tumhari yaad aati hai roz raat ko,
Aankhe band ho ya khuli, bas tum hi ho,
Ye neend bhi ajeeb hai meri,
Jaagte hue bhi sapne dikhati hai.
تمہاری یاد آتی ہے روز رات کو،
آنکھیں بند ہوں یا کھلی، بس تم ہی ہو،
یہ نیند بھی عجیب ہے میری،
جاگتے ہوئے بھی خواب دکھاتی ہے۔
The beloved comes to mind every night, eyes open or closed; even sleep is strange, showing dreams while awake.
आँखों में समंदर है मेरा,
मगर कोई नहीं देखता,
हर आँसू एक कहानी है,
मगर कोई नहीं सुनता।
जुदाई का दर्द वो जाने,
जिसने मोहब्बत की हो,
बिछड़ने के बाद की रातें,
सिर्फ़ वही समझ सकता है।
ख़ुद से बातें करना सीख गया हूँ,
तनहाई में जीना सीख गया हूँ,
जब से तू गया है ज़िंदगी से,
दर्द को मुस्कुराहट में छुपाना सीख गया हूँ।
तेरी ख़ुशबू अब भी आती है,
उन यादों की पगडंडी पर,
जहाँ हम साथ चलते थे,
वहाँ अब सिर्फ़ मैं हूँ।
ज़िंदगी के इस सफ़र में,
हर क़दम पर अकेला हूँ,
जो साथ चलते थे वो छोड़ गए,
अब साये से भी डरता हूँ।
शाम होती है तो उदास हो जाता हूँ,
रात आती है तो बेचैन रहता हूँ,
दिन तो बस यूँही गुज़र जाता है,
तेरी याद में दीवाना रहता हूँ।