Akela Hoon
ज़िंदगी के इस सफ़र में,
हर क़दम पर अकेला हूँ,
जो साथ चलते थे वो छोड़ गए,
अब साये से भी डरता हूँ।
Zindagi ke is safar mein,
Har qadam par akela hoon,
Jo saath chalte the wo chhod gaye,
Ab saaye se bhi darta hoon.
زندگی کے اس سفر میں، ہر قدم پر اکیلا ہوں
On life's journey the speaker is alone at every step; those who walked alongside have left, and now even shadows feel frightening.
आँखों में समंदर है मेरा,
मगर कोई नहीं देखता,
हर आँसू एक कहानी है,
मगर कोई नहीं सुनता।
जुदाई का दर्द वो जाने,
जिसने मोहब्बत की हो,
बिछड़ने के बाद की रातें,
सिर्फ़ वही समझ सकता है।
ख़ुद से बातें करना सीख गया हूँ,
तनहाई में जीना सीख गया हूँ,
जब से तू गया है ज़िंदगी से,
दर्द को मुस्कुराहट में छुपाना सीख गया हूँ।
तेरी ख़ुशबू अब भी आती है,
उन यादों की पगडंडी पर,
जहाँ हम साथ चलते थे,
वहाँ अब सिर्फ़ मैं हूँ।
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
शाम होती है तो उदास हो जाता हूँ,
रात आती है तो बेचैन रहता हूँ,
दिन तो बस यूँही गुज़र जाता है,
तेरी याद में दीवाना रहता हूँ।