ज़िंदगी के इस सफ़र में,
हर क़दम पर अकेला हूँ,
जो साथ चलते थे वो छोड़ गए,
अब साये से भी डरता हूँ।
Zindagi ke is safar mein,
Har qadam par akela hoon,
Jo saath chalte the wo chhod gaye,
Ab saaye se bhi darta hoon.
زندگی کے اس سفر میں، ہر قدم پر اکیلا ہوں
जुदाई का दर्द वो जाने,
जिसने मोहब्बत की हो,
बिछड़ने के बाद की रातें,
सिर्फ़ वही समझ सकता है।
टूटे दिल को जोड़ने की,
कोशिश की बहुत बार मैंने,
मगर हर बार टूट जाता है,
यही मेरी क़िस्मत है शायद।
दिल की बात ज़बान पर नहीं आती,
आँखें हर बात बता देती हैं,
जो कहना था वो कह न सका,
आँसू वो कहानी सुना देती हैं।