شاعری کی دنیا میں خوش آمدید
آج کی شاعری — Featured Shayari
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
दर्द को शब्दों में कहाँ कह सकता हूँ,
चुप रहकर भी तो दुखता है दिल,
जो समझे वो साथ है मेरे,
जो न समझे वो भीड़ में शामिल।
तुमसे मिलना जैसे,
पहली बारिश का एहसास,
ना भूला जाए कभी,
ना बताया जाए किसी को।
रूह की बात जिस्म नहीं समझता,
दिल की बात ज़माना नहीं समझता,
यह दर्द मेरा अपना है,
इसे अब मैं ही समझता हूँ।
ख़ुद से बातें करना सीख गया हूँ,
तनहाई में जीना सीख गया हूँ,
जब से तू गया है ज़िंदगी से,
दर्द को मुस्कुराहट में छुपाना सीख गया हूँ।
तन्हा रातों में जब नींद नहीं आती,
तेरी यादें आकर सता जाती हैं,
मन की बात किसे कहूँ,
खुद से भी तो शर्म आती है।
तेरी रोशनी से रोशन है,
मेरी ज़िंदगी का हर कोना,
जब से तू मिला है,
मुझे कहीं और नहीं जाना।
वो एक पल तुम्हारे साथ,
हज़ार साल जैसा लगता है,
मोहब्बत में वक़्त नहीं होता,
बस एहसास होता है।
तुझ में रब्ब दिखता है,
हर साँस में तू है,
जो माँगा था ज़िंदगी में,
सब कुछ तू ही है।
ख़ुद को कल से बेहतर बनाना,
यही असली कामयाबी है,
दूसरों से मुक़ाबला करने से,
बेहतर है ख़ुद से लड़ना।
जो टूटा नहीं मुश्किलों में,
वही दुनिया का राजा है,
हार और जीत दोनों आते हैं,
मगर हार मत मानो।
मंज़िल पाने के लिए,
रात-दिन एक करने पड़ते हैं,
जो आराम में पड़े रहते हैं,
वो मंज़िल नहीं पाते।