जुदाई का दर्द वो जाने,
जिसने मोहब्बत की हो,
बिछड़ने के बाद की रातें,
सिर्फ़ वही समझ सकता है।
Judaai ka dard woh jaane,
Jisne mohabbat ki ho,
Bichharne ke baad ki raatein,
Sirf wahi samajh sakta hai.
جدائی کا درد وہ جانے، جس نے محبت کی ہو
इंतज़ार करते रहे हम तेरा,
तू आया नहीं हम थक गए,
ज़िंदगी की राहों में भटककर,
ख़ुद से ही हम बिछड़ गए।
तुझसे कुछ नहीं माँगता अब,
बस इतनी दुआ है,
जो दर्द तूने दिया है,
उसका दवा मिल जाए।
मोहब्बत में धोखा मिला,
यक़ीन का क़त्ल हुआ,
अब किसी पर भरोसा करना,
मुश्किल है बहुत।