شاعری کی دنیا میں خوش آمدید
آج کی شاعری — Featured Shayari
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
तुमसे मिलना जैसे,
पहली बारिश का एहसास,
ना भूला जाए कभी,
ना बताया जाए किसी को।
दर्द को शब्दों में कहाँ कह सकता हूँ,
चुप रहकर भी तो दुखता है दिल,
जो समझे वो साथ है मेरे,
जो न समझे वो भीड़ में शामिल।
ज़िंदगी के इस सफ़र में,
हर क़दम पर अकेला हूँ,
जो साथ चलते थे वो छोड़ गए,
अब साये से भी डरता हूँ।
आँखों में समंदर है मेरा,
मगर कोई नहीं देखता,
हर आँसू एक कहानी है,
मगर कोई नहीं सुनता।
चुपके से आता है ये दर्द,
चुपके से दिल को रुलाता है,
कोई नहीं होता पास में,
तब ये और तड़पाता है।
प्यार की कोई परिभाषा नहीं,
बस एहसास होता है,
जब तेरी एक झलक मिलती है,
दिल कहाँ थम जाता है।
तेरी ख़्वाहिश है मेरी दुआ,
तेरी ख़ुशी है मेरी इबादत,
तू जो माँगे वो मिले तुझको,
यही है मेरी मोहब्बत।
तुझ में रब्ब दिखता है,
हर साँस में तू है,
जो माँगा था ज़िंदगी में,
सब कुछ तू ही है।
वक़्त बदलता है, हालात बदलते हैं,
बस हौसला रखो, मंज़िल मिलती है,
जो ठहर जाए तूफ़ान देखकर,
उसे समंदर पार नहीं होता।
अँधेरे से डरो मत,
रोशनी ख़ुद आएगी,
जो हार न माने कभी,
उसकी जीत ज़रूर आएगी।
टूटकर भी जो गिरे नहीं रास्ते में,
वही इंसान मंज़िल पाता है,
पत्थर से भी रास्ता बनाना,
यही ज़िंदगी सिखाती है।