Woh Khwaab
वो ख़्वाब जो तेरे साथ देखे,
आज भी आँखों में हैं,
तू चाहे पास हो या दूर,
यादें तेरी बाकी हैं।
Woh khwaab jo tere saath dekhe,
Aaj bhi aankhon mein hain,
Tu chaahe paas ho ya door,
Yaadein teri baaki hain.
وہ خواب جو تیرے ساتھ دیکھے، آج بھی آنکھوں میں ہیں
The dreams seen together still live in the speaker's eyes; near or far, the memories remain.
इश्क़ का सफ़र लंबा है,
मगर तेरे साथ आसान है,
कोई मंज़िल नहीं चाहिए,
बस तेरा साथ चाहिए।
तेरी आवाज़ सुनकर,
सब कुछ भूल जाता है,
एक पल में ही मेरा,
सारा जहाँ बदल जाता है।
सिर्फ़ तुम हो मेरे,
बाकी सब बेगाने हैं,
तेरे बिना यह दुनिया,
सूनी-सूनी लगती है।
वो एक पल तुम्हारे साथ,
हज़ार साल जैसा लगता है,
मोहब्बत में वक़्त नहीं होता,
बस एहसास होता है।
प्यार की इबादत में,
कोई भेद नहीं होता,
दिल जब सच्चा होता है,
रब भी मदद करता है।
तुझ में रब्ब दिखता है,
हर साँस में तू है,
जो माँगा था ज़िंदगी में,
सब कुछ तू ही है।