شاعری کی دنیا میں خوش آمدید
آج کی شاعری — Featured Shayari
तुमसे मिलना जैसे,
पहली बारिश का एहसास,
ना भूला जाए कभी,
ना बताया जाए किसी को।
दर्द को शब्दों में कहाँ कह सकता हूँ,
चुप रहकर भी तो दुखता है दिल,
जो समझे वो साथ है मेरे,
जो न समझे वो भीड़ में शामिल।
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
ख़ुद से बातें करना सीख गया हूँ,
तनहाई में जीना सीख गया हूँ,
जब से तू गया है ज़िंदगी से,
दर्द को मुस्कुराहट में छुपाना सीख गया हूँ।
रोता हूँ तो कोई नहीं देखता,
हँसता हूँ तो सब देख लेते हैं,
यही दुनिया का दस्तूर है,
ग़म छुपाओ, ख़ुशी बाँटो।
तुझसे कुछ नहीं माँगता अब,
बस इतनी दुआ है,
जो दर्द तूने दिया है,
उसका दवा मिल जाए।
तेरी याद में रहता हूँ,
हर वक़्त, हर घड़ी,
बिन बुलाए आ जाती है,
तेरी सूरत मेरी आँखों में।
पहली मोहब्बत का जादू,
कभी नहीं जाता भूल,
जो एक बार दिल में उतरी,
वो रहती है हरदम।
मोहब्बत एक इबादत है,
जो दिल से की जाती है,
जो मन से करे, वो पाए,
जो दिखावे से करे, वो खोए।
रुक जाना नहीं तुझे,
राहें कठिन हों तो भी,
सपनों का पीछा करना,
मंज़िल मिलेगी तो भी।
ज़िंदगी एक किताब है,
हर दिन एक नया सफ़ा,
जो कल का दर्द था,
आज उसी से मिली दुआ।
जो हार नहीं मानते तूफ़ानों में,
वही परिंदे आसमान छूते हैं,
रात कितनी भी काली हो,
सुबह का सूरज ज़रूर उगता है।