شاعری کی دنیا میں خوش آمدید
آج کی شاعری — Featured Shayari
दर्द को शब्दों में कहाँ कह सकता हूँ,
चुप रहकर भी तो दुखता है दिल,
जो समझे वो साथ है मेरे,
जो न समझे वो भीड़ में शामिल।
तुमसे मिलना जैसे,
पहली बारिश का एहसास,
ना भूला जाए कभी,
ना बताया जाए किसी को।
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
ग़म का साथी बन गई रात,
दिन तो बस गुज़रता है,
सुबह होने से डर लगता है,
फिर वही दर्द उभरता है।
मोहब्बत में धोखा मिला,
यक़ीन का क़त्ल हुआ,
अब किसी पर भरोसा करना,
मुश्किल है बहुत।
अब तो रोना भी नहीं आता,
आँखें पथरा गई हैं,
दर्द इतना पुराना है,
भावनाएं मर गई हैं।
इश्क़ की रीत निराली है,
मिले तो जान लगाते हैं,
बिछड़े तो याद बना जाते हैं,
यही है प्यार की कहानी।
तुम हो तो ज़िंदगी है,
तुम नहीं तो कुछ नहीं,
मेरी हर साँस में तुम हो,
मेरे हर ख़्याल में तुम।
प्यार की इबादत में,
कोई भेद नहीं होता,
दिल जब सच्चा होता है,
रब भी मदद करता है।
तूफ़ान से डरना कैसा,
तूफ़ान हम खुद बनेंगे,
कोई रोक नहीं सकता,
जब हम ठान लेंगे।
मेहनत का फल मीठा होता है,
आराम में तो सब जीते हैं,
जो तकलीफ़ में भी मुस्कुराएँ,
वही असली विजेता होते हैं।
सपने वो नहीं जो रात को आएँ,
सपने वो हैं जो सोने न दें,
उन्हें पूरा करने की चाहत,
ही इंसान को आगे ले जाए।