तुझसे कुछ नहीं माँगता अब,
बस इतनी दुआ है,
जो दर्द तूने दिया है,
उसका दवा मिल जाए।
Tujhse kuch nahi maangta ab,
Bas itni dua hai,
Jo dard tune diya hai,
Uska dawa mil jaaye.
تجھ سے کچھ نہیں مانگتا اب، بس اتنی دعا ہے
तन्हा रातों में जब नींद नहीं आती,
तेरी यादें आकर सता जाती हैं,
मन की बात किसे कहूँ,
खुद से भी तो शर्म आती है।
बिछड़ गए हम तो बिछड़ गए,
मगर दिल अब भी तड़पता है,
तेरे बिना यह जहाँ अधूरा,
हर पल, हर घड़ी खटकता है।
वो बातें याद हैं अब भी,
जो कभी हम करते थे,
उन गलियों में जाने से डरता हूँ,
जहाँ हम कभी मिलते थे।