Anjaane Dard
अनजाने दर्द को अब,
पहचानना सीख गया हूँ,
हर मुस्कुराहट के पीछे,
दर्द छुपाना सीख गया हूँ।
Anjaane dard ko ab,
Pehchaanna seekh gaya hoon,
Har muskurahat ke peeche,
Dard chhupaana seekh gaya hoon.
انجانے درد کو اب، پہچاننا سیکھ گیا ہوں
The speaker has learned to recognise unknown pain and to hide it behind every smile.
रूह की बात जिस्म नहीं समझता,
दिल की बात ज़माना नहीं समझता,
यह दर्द मेरा अपना है,
इसे अब मैं ही समझता हूँ।
आँखों में समंदर है मेरा,
मगर कोई नहीं देखता,
हर आँसू एक कहानी है,
मगर कोई नहीं सुनता।
जुदाई का दर्द वो जाने,
जिसने मोहब्बत की हो,
बिछड़ने के बाद की रातें,
सिर्फ़ वही समझ सकता है।
ख़ुद से बातें करना सीख गया हूँ,
तनहाई में जीना सीख गया हूँ,
जब से तू गया है ज़िंदगी से,
दर्द को मुस्कुराहट में छुपाना सीख गया हूँ।
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
तेरी ख़ुशबू अब भी आती है,
उन यादों की पगडंडी पर,
जहाँ हम साथ चलते थे,
वहाँ अब सिर्फ़ मैं हूँ।