Parwaz Karo
पंख फैलाओ, उड़ान भरो,
सिर्फ़ आसमान तुम्हारा है,
ज़मीन पर रहने वाले,
आसमान नहीं पाते।
Pankh failaao, udaan bharo,
Sirf aasmaan tumhara hai,
Zameen par rehne waale,
Aasmaan nahi paate.
پنکھ پھیلاؤ، اڑان بھرو، صرف آسمان تمہارا ہے
Spread your wings and fly – the sky belongs to you; those who stay on the ground never reach it.
अपना रास्ता ख़ुद बनाओ,
दूसरों के नक्शे-क़दम पर मत चलो,
तुम्हारी मंज़िल तुम्हारी है,
उसे ख़ुद पाओ।
मंज़िल पाने के लिए,
रात-दिन एक करने पड़ते हैं,
जो आराम में पड़े रहते हैं,
वो मंज़िल नहीं पाते।
जीतने की चाह जब होती है,
तब हार भी हथियार बनती है,
नाकामी भी सिखाती है,
ज़िंदगी आगे बढ़ना जब।
जो टूटा नहीं मुश्किलों में,
वही दुनिया का राजा है,
हार और जीत दोनों आते हैं,
मगर हार मत मानो।
अँधेरे से डरो मत,
रोशनी ख़ुद आएगी,
जो हार न माने कभी,
उसकी जीत ज़रूर आएगी।
नई राह बनाना ही असली हुनर है,
जो दूसरों की राह पर चले,
वो मंज़िल नहीं पाते,
जो खुद का रास्ता बनाए।