Apna Rasta
अपना रास्ता ख़ुद बनाओ,
दूसरों के नक्शे-क़दम पर मत चलो,
तुम्हारी मंज़िल तुम्हारी है,
उसे ख़ुद पाओ।
Apna raasta khud banaao,
Doosron ke naqsh-e-qadam par mat chalo,
Tumhari manzil tumhari hai,
Use khud paao.
اپنا راستہ خود بناؤ، دوسروں کے نقشِ قدم پر مت چلو
Make your own path and do not walk in others' footsteps; your destination is yours – reach it yourself.
सोच बदलो, दुनिया बदलेगी,
नज़रिया बदलो, राहें बदलेंगी,
ख़ुद को बदलो पहले,
फिर ज़माना बदल जाएगा।
मंज़िल पाने के लिए,
रात-दिन एक करने पड़ते हैं,
जो आराम में पड़े रहते हैं,
वो मंज़िल नहीं पाते।
जीतने की चाह जब होती है,
तब हार भी हथियार बनती है,
नाकामी भी सिखाती है,
ज़िंदगी आगे बढ़ना जब।
जो टूटा नहीं मुश्किलों में,
वही दुनिया का राजा है,
हार और जीत दोनों आते हैं,
मगर हार मत मानो।
अँधेरे से डरो मत,
रोशनी ख़ुद आएगी,
जो हार न माने कभी,
उसकी जीत ज़रूर आएगी।
नई राह बनाना ही असली हुनर है,
जो दूसरों की राह पर चले,
वो मंज़िल नहीं पाते,
जो खुद का रास्ता बनाए।