हिम्मत रखो, आगे बढ़ो,
रास्ते तुम खुद बनाओ,
दुनिया नहीं देती राह,
अपनी मंज़िल खुद पाओ।
Himmat rakho, aage badho,
Raaste tum khud banaao,
Duniya nahi deti raah,
Apni manzil khud paao.
ہمت رکھو، آگے بڑھو، راستے تم خود بناؤ
टूटकर भी जो गिरे नहीं रास्ते में,
वही इंसान मंज़िल पाता है,
पत्थर से भी रास्ता बनाना,
यही ज़िंदगी सिखाती है।
गिरना भी एक हुनर है,
उठना उससे बड़ा है,
हर बार ज़मीन छूने के बाद,
आसमान और पास लगता है।
पंख फैलाओ, उड़ान भरो,
सिर्फ़ आसमान तुम्हारा है,
ज़मीन पर रहने वाले,
आसमान नहीं पाते।