Desh Prem
देश की मिट्टी से प्यार है,
तिरंगे पर जान न्योछावर है,
भारत माँ की इज़्ज़त के लिए,
हर क़दम पर तैयार हैं।
Desh ki mitti se pyaar hai,
Tirangle par jaan nyochhavar hai,
Bharat maa ki izzat ke liye,
Har qadam par taiyaar hain.
دیش کی مٹی سے پیار ہے، ترنگے پر جان نچھاور ہے
Love for the country's soil, life offered to the tricolour, and readiness at every step for Mother India's honour.
सुभाष की पुकार है,
तुम मुझे ख़ून दो,
मैं आज़ादी दूँगा,
यह वादा मेरा है।
हर घर तिरंगा लगाओ,
हर दिल में जज़्बा जगाओ,
भारत की शान बढ़ाओ,
गर्व से जीना सिखाओ।
फ़ौज का जवान है,
सबसे बड़ा इंसान है,
जान देता है देश के लिए,
यही उसकी पहचान है।
अपना भारत महान है,
इसकी संस्कृति पुरानी है,
हज़ारों सालों की विरासत,
यही हमारी कहानी है।
वतन की हवा जब छूती है,
रगों में लहू दौड़ता है,
इस देश के लिए जीना,
यही सच्चा प्यार होता है।
आज़ादी की क़ीमत,
ख़ून से चुकाई गई,
हर शहीद की क़ुर्बानी से,
यह धरती सजाई गई।