सुभाष की पुकार है,
तुम मुझे ख़ून दो,
मैं आज़ादी दूँगा,
यह वादा मेरा है।
Subhash ki pukaar hai,
Tum mujhe khoon do,
Main aazaadi doonga,
Yeh waada mera hai.
سبھاش کی پکار ہے، تم مجھے خون دو
जब-जब भारत पुकारे,
हम चल दिए,
सर पर कफ़न बाँधकर,
मैदान में निकल पड़े।
जय हिंद का नारा,
जीभ पर हरदम रहे,
यह देश हमारा है,
सीने में दम रहे।
सरहदें लाँघ नहीं सकतीं,
हमारे इरादों को,
ديश की आन-बान के लिए,
मिटा दो सब वादों को।