Dil Ki Baat Tujhe
दिल की बात तुझे,
खुद बतानी है,
पर शब्द नहीं मिलते,
यही परेशानी है।
Dil ki baat tujhe,
Khud bataani hai,
Par shabd nahi milte,
Yahi pareshshaani hai.
دل کی بات تجھے، خود بتانی ہے
The speaker wants to tell the beloved what is in their heart but cannot find the words – and that is the whole problem. It captures the nervousness before a confession.
इश्क़ का रंग चढ़ा है,
तुम्हारे प्यार में,
हर मौसम सुंदर लगता है,
तुम्हारे साथ में।
हमेशा तेरे साथ रहूँगा,
यह वादा मेरा है,
दूरियाँ चाहे कितनी हों,
दिल तो तुम्हारे पास है।
तुम मेरी दुनिया हो,
तुम्हारे बिना अधूरा हूँ,
तेरे साथ सुबह है मेरी,
तेरे साथ ही शाम भी।
चाँदनी रात में तेरे संग,
दुनिया जन्नत लगती है,
तेरी बाँहों में सिमटकर,
हर तकलीफ़ भूल जाती है।
तेरा चेहरा देखकर,
दिल को सुकून मिलता है,
जैसे बारिश के बाद,
मिट्टी की ख़ुशबू आती है।
हाथ थामना तेरा,
जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी है,
साथ चलना तेरे साथ,
यही मेरी ज़िंदगी है।