सुबह की नींद में,
तेरे ही ख़्वाब हैं,
रात की आखों में,
तेरी ही तस्वीर है।
Subah ki neend mein,
Tere hi khwaab hain,
Raat ki aankhon mein,
Teri hi tasveer hai.
صبح کی نیند میں، تیرے ہی خواب ہیں
मोहब्बत है तुमसे,
यह दिल जानता है,
हर साँस में तुम हो,
यह मन मानता है।
दिल की बात तुझे,
खुद बतानी है,
पर शब्द नहीं मिलते,
यही परेशानी है।
रातों में तुम्हारी बातें,
दिल को सुकून देती हैं,
चाँद-तारे भी देखते हैं,
हमारी मोहब्बत की कहानी।