Gulaab Ki Tarah
गुलाब की तरह खिली हो तुम,
ख़ुशबू तेरी महकती है,
जब भी नज़र पड़ती है तुम पर,
दिल की दुनिया रोशन होती है।
Gulaab ki tarah khili ho tum,
Khushbu teri mahakti hai,
Jab bhi nazar padti hai tum par,
Dil ki duniya roshan hoti hai.
گلاب کی طرح کھلی ہو تم، خوشبو تیری مہکتی ہے
The beloved blooms like a rose and their fragrance spreads; whenever the speaker sees them, the heart's world lights up.
तेरी आँखों का नशा,
कुछ और ही है,
इसमें डूबना चाहता हूँ,
यह मेरी चाहत है।
प्यार का इज़हार,
शब्दों में नहीं होता,
बस आँखें मिलें,
दिल समझ जाता है।
तेरी बातों में,
जादू है कोई,
सुनता हूँ तेरी बात,
दुनिया भूल जाता हूँ।
सुबह की नींद में,
तेरे ही ख़्वाब हैं,
रात की आखों में,
तेरी ही तस्वीर है।
दिल की बात तुझे,
खुद बतानी है,
पर शब्द नहीं मिलते,
यही परेशानी है।
तेरी मुस्कान पे,
जान न्योछावर करूँ,
तेरे एक चाहने पर,
दुनिया बदल दूँ।