تیری آنکھوں کا نشہ,
کچھ اور ہی ہے،
اس میں ڈوبنا چاہتا ہوں،
یہ میری چاہت ہے۔
Teri aankhon ka nasha,
Kuch aur hi hai,
Is mein doobna chahta hoon,
Yeh meri chaahat hai.
تیری آنکھوں کا نشہ، کچھ اور ہی ہے
तुम मेरी दुनिया हो,
तुम्हारे बिना अधूरा हूँ,
तेरे साथ सुबह है मेरी,
तेरे साथ ही शाम भी।
रातों में तुम्हारी बातें,
दिल को सुकून देती हैं,
चाँद-तारे भी देखते हैं,
हमारी मोहब्बत की कहानी।
तेरी मुस्कान पे,
जान न्योछावर करूँ,
तेरे एक चाहने पर,
दुनिया बदल दूँ।