Aankhon Ka Nasha
तेरी आँखों का नशा,
कुछ और ही है,
इसमें डूबना चाहता हूँ,
यह मेरी चाहत है।
Teri aankhon ka nasha,
Kuch aur hi hai,
Is mein doobna chahta hoon,
Yeh meri chaahat hai.
تیری آنکھوں کا نشہ، کچھ اور ہی ہے
The intoxication in the beloved's eyes is unlike anything else, and the speaker longs to drown in it. A classic romantic image borrowed from Urdu poetry.
इश्क़ का रंग चढ़ा है,
तुम्हारे प्यार में,
हर मौसम सुंदर लगता है,
तुम्हारे साथ में।
हमेशा तेरे साथ रहूँगा,
यह वादा मेरा है,
दूरियाँ चाहे कितनी हों,
दिल तो तुम्हारे पास है।
तुम मेरी दुनिया हो,
तुम्हारे बिना अधूरा हूँ,
तेरे साथ सुबह है मेरी,
तेरे साथ ही शाम भी।
चाँदनी रात में तेरे संग,
दुनिया जन्नत लगती है,
तेरी बाँहों में सिमटकर,
हर तकलीफ़ भूल जाती है।
तेरा चेहरा देखकर,
दिल को सुकून मिलता है,
जैसे बारिश के बाद,
मिट्टी की ख़ुशबू आती है।
हाथ थामना तेरा,
जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी है,
साथ चलना तेरे साथ,
यही मेरी ज़िंदगी है।