Mohabbat Ka Rang
मोहब्बत का कोई रंग नहीं,
फिर भी हर रंग में दिखती है,
जब तू साथ होता है,
दुनिया रंगीन लगती है।
Mohabbat ka koi rang nahi,
Phir bhi har rang mein dikhti hai,
Jab tu saath hota hai,
Duniya rangeen lagti hai.
محبت کا کوئی رنگ نہیں، پھر بھی ہر رنگ میں دکھتی ہے
Love has no colour of its own, yet it shows in every colour; when the beloved is near, the world looks bright.
इश्क़ का सफ़र लंबा है,
मगर तेरे साथ आसान है,
कोई मंज़िल नहीं चाहिए,
बस तेरा साथ चाहिए।
तेरी आवाज़ सुनकर,
सब कुछ भूल जाता है,
एक पल में ही मेरा,
सारा जहाँ बदल जाता है।
सिर्फ़ तुम हो मेरे,
बाकी सब बेगाने हैं,
तेरे बिना यह दुनिया,
सूनी-सूनी लगती है।
वो एक पल तुम्हारे साथ,
हज़ार साल जैसा लगता है,
मोहब्बत में वक़्त नहीं होता,
बस एहसास होता है।
प्यार की इबादत में,
कोई भेद नहीं होता,
दिल जब सच्चा होता है,
रब भी मदद करता है।
तुझ में रब्ब दिखता है,
हर साँस में तू है,
जो माँगा था ज़िंदगी में,
सब कुछ तू ही है।