Sar Utha Ke
सर उठाकर जीता हूँ,
निगाह झुकाकर नहीं,
मेरा एटीट्यूड मेरी ताक़त,
यह जाता नहीं कहीं।
Sar uthakar jeeta hoon,
Nigaah jhhukakar nahi,
Mera attitude meri taaqat,
Yeh jaata nahi kahin.
سر اٹھا کر جیتا ہوں، نگاہ جھکا کر نہیں
The speaker lives with his head held high and never lowers his gaze; this attitude is his strength and it will not go away. A line about dignity.
अपना स्टाइल है अलग,
हम किसी से कम नहीं,
जो हम हैं वो बेमिसाल है,
सबसे अलग, सबसे अहम।
मेरा एटीट्यूड मेरी पहचान है,
कोई बदल नहीं सकता,
मैं जैसा हूँ, वैसा ही रहूँगा,
दूसरों की परवाह नहीं।
शेर की तरह जीते हैं हम,
भेड़ों की तरह नहीं,
राजाओं की रीत है हमारी,
किसी से नहीं डरते।
ख़ुद की तारीफ़ ख़ुद करते हैं,
दूसरों पर निर्भर नहीं,
हमारी क़ाबिलियत हमारी है,
इसे कोई नहीं छीन सकता।
हम बाज़ीगर हैं इस दुनिया के,
खेल हम अपना खेलते हैं,
जो नियम तोड़ते हैं दुनिया के,
वही नए नियम बनाते हैं।
जलवा है मेरा हर तरफ़,
नज़रें टिकती हैं मुझ पर,
यह मेरा एटीट्यूड है,
जो सबको दीवाना करता है।