شاعری کی دنیا میں خوش آمدید
آج کی شاعری — Featured Shayari
तुमसे मिलना जैसे,
पहली बारिश का एहसास,
ना भूला जाए कभी,
ना बताया जाए किसी को।
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
दर्द को शब्दों में कहाँ कह सकता हूँ,
चुप रहकर भी तो दुखता है दिल,
जो समझे वो साथ है मेरे,
जो न समझे वो भीड़ में शामिल।
रूह की बात जिस्म नहीं समझता,
दिल की बात ज़माना नहीं समझता,
यह दर्द मेरा अपना है,
इसे अब मैं ही समझता हूँ।
जुदाई का दर्द वो जाने,
जिसने मोहब्बत की हो,
बिछड़ने के बाद की रातें,
सिर्फ़ वही समझ सकता है।
ज़िंदगी का यह सफ़र,
कभी-कभी बहुत थका देता है,
जब कोई साथ नहीं होता,
तब रास्ता और लंबा लगता है।
तुझ में रब्ब दिखता है,
हर साँस में तू है,
जो माँगा था ज़िंदगी में,
सब कुछ तू ही है।
प्यार की इबादत में,
कोई भेद नहीं होता,
दिल जब सच्चा होता है,
रब भी मदद करता है।
तुम्हारे बिना अधूरा हूँ मैं,
जैसे बिन पानी नदी,
तुम्हारे साथ पूरा हूँ मैं,
जैसे मिले प्यार पहली बारी।
ज़िंदगी एक किताब है,
हर दिन एक नया सफ़ा,
जो कल का दर्द था,
आज उसी से मिली दुआ।
तूफ़ान से डरना कैसा,
तूफ़ान हम खुद बनेंगे,
कोई रोक नहीं सकता,
जब हम ठान लेंगे।
कोशिश करने वाले,
कभी हारते नहीं,
जो रुक जाए वो हारे,
जो चले वो पहुँचे।