Mohabbat Ka Dard
मोहब्बत में धोखा मिला,
यक़ीन का क़त्ल हुआ,
अब किसी पर भरोसा करना,
मुश्किल है बहुत।
Mohabbat mein dhokha mila,
Yaqeen ka qatal hua,
Ab kisi par bharosa karna,
Mushkil hai bahut.
محبت میں دھوکہ ملا، یقین کا قتل ہوا
Love brought betrayal and trust was killed; now it is very hard to trust anyone again.
आँखों में समंदर है मेरा,
मगर कोई नहीं देखता,
हर आँसू एक कहानी है,
मगर कोई नहीं सुनता।
जुदाई का दर्द वो जाने,
जिसने मोहब्बत की हो,
बिछड़ने के बाद की रातें,
सिर्फ़ वही समझ सकता है।
ख़ुद से बातें करना सीख गया हूँ,
तनहाई में जीना सीख गया हूँ,
जब से तू गया है ज़िंदगी से,
दर्द को मुस्कुराहट में छुपाना सीख गया हूँ।
तेरी ख़ुशबू अब भी आती है,
उन यादों की पगडंडी पर,
जहाँ हम साथ चलते थे,
वहाँ अब सिर्फ़ मैं हूँ।
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
शाम होती है तो उदास हो जाता हूँ,
रात आती है तो बेचैन रहता हूँ,
दिन तो बस यूँही गुज़र जाता है,
तेरी याद में दीवाना रहता हूँ।