मोहब्बत का कोई रंग नहीं,
फिर भी हर रंग में दिखती है,
जब तू साथ होता है,
दुनिया रंगीन लगती है।
Mohabbat ka koi rang nahi,
Phir bhi har rang mein dikhti hai,
Jab tu saath hota hai,
Duniya rangeen lagti hai.
محبت کا کوئی رنگ نہیں، پھر بھی ہر رنگ میں دکھتی ہے
इश्क़ का सफ़र लंबा है,
मगर तेरे साथ आसान है,
कोई मंज़िल नहीं चाहिए,
बस तेरा साथ चाहिए।
तेरी ख़ुशबू है कुछ ऐसी,
जो दिल में उतर जाती है,
जहाँ जाऊँ, जो देखूँ,
तेरी याद ही आती है।
तेरी आहट सुनकर,
दिल धड़कने लगता है,
जैसे बहार आती है,
हर कली खिलने लगती है।