वक़्त बदलता है, हालात बदलते हैं,
बस हौसला रखो, मंज़िल मिलती है,
जो ठहर जाए तूफ़ान देखकर,
उसे समंदर पार नहीं होता।
Waqt badalta hai, haalaat badalte hain,
Bas hausla rakho, manzil milti hai,
Jo thehar jaaye toofaan dekhkar,
Use samandar paar nahi hota.
وقت بدلتا ہے، حالات بدلتے ہیں، بس حوصلہ رکھو
ख़ुद को कल से बेहतर बनाना,
यही असली कामयाबी है,
दूसरों से मुक़ाबला करने से,
बेहतर है ख़ुद से लड़ना।
गिरना भी एक हुनर है,
उठना उससे बड़ा है,
हर बार ज़मीन छूने के बाद,
आसमान और पास लगता है।
मंज़िल पाने के लिए,
रात-दिन एक करने पड़ते हैं,
जो आराम में पड़े रहते हैं,
वो मंज़िल नहीं पाते।