मंज़िल पाने के लिए,
रात-दिन एक करने पड़ते हैं,
जो आराम में पड़े रहते हैं,
वो मंज़िल नहीं पाते।
Manzil paane ke liye,
Raat-din ek karne padte hain,
Jo aaraam mein pade rehte hain,
Woh manzil nahi paate.
منزل پانے کے لئے، رات دن ایک کرنے پڑتے ہیں
ख़ुद पर भरोसा रखो,
ज़माना साथ देगा,
जो अपने दम पर चलते हैं,
उन्हें हर राह मिलती है।
तूफ़ान से डरना कैसा,
तूफ़ान हम खुद बनेंगे,
कोई रोक नहीं सकता,
जब हम ठान लेंगे।
सोच बदलो, दुनिया बदलेगी,
नज़रिया बदलो, राहें बदलेंगी,
ख़ुद को बदलो पहले,
फिर ज़माना बदल जाएगा।