जीतने की चाह जब होती है,
तब हार भी हथियार बनती है,
नाकामी भी सिखाती है,
ज़िंदगी आगे बढ़ना जब।
Jeetne ki chaah jab hoti hai,
Tab haar bhi hathiyaar banti hai,
Nakaami bhi sikhati hai,
Zindagi aage badhna jab.
جیتنے کی چاہ جب ہوتی ہے، تب ہار بھی ہتھیار بنتی ہے
अँधेरे से डरो मत,
रोशनी ख़ुद आएगी,
जो हार न माने कभी,
उसकी जीत ज़रूर आएगी।
जो हार नहीं मानते तूफ़ानों में,
वही परिंदे आसमान छूते हैं,
रात कितनी भी काली हो,
सुबह का सूरज ज़रूर उगता है।
कोशिश करने वाले,
कभी हारते नहीं,
जो रुक जाए वो हारे,
जो चले वो पहुँचे।