तेरी आहट सुनकर,
दिल धड़कने लगता है,
जैसे बहार आती है,
हर कली खिलने लगती है।
Teri aahat sunkar,
Dil dhadakne lagta hai,
Jaise bahaar aati hai,
Har kali khilne lagti hai.
تیری آہٹ سن کر، دل دھڑکنے لگتا ہے
तेरी परछाईं साथ रहती है,
जब भी अकेला होता हूँ,
तेरा एहसास ही काफ़ी है,
खुशियाँ मुझे मिल जाती हैं।
प्यार की इबादत में,
कोई भेद नहीं होता,
दिल जब सच्चा होता है,
रब भी मदद करता है।
तुम हो तो ज़िंदगी है,
तुम नहीं तो कुछ नहीं,
मेरी हर साँस में तुम हो,
मेरे हर ख़्याल में तुम।