वो ख़्वाब जो तेरे साथ देखे,
आज भी आँखों में हैं,
तू चाहे पास हो या दूर,
यादें तेरी बाकी हैं।
Woh khwaab jo tere saath dekhe,
Aaj bhi aankhon mein hain,
Tu chaahe paas ho ya door,
Yaadein teri baaki hain.
وہ خواب جو تیرے ساتھ دیکھے، آج بھی آنکھوں میں ہیں
तुमसे मिलना जैसे,
पहली बारिश का एहसास,
ना भूला जाए कभी,
ना बताया जाए किसी को।
तुम हो तो ज़िंदगी है,
तुम नहीं तो कुछ नहीं,
मेरी हर साँस में तुम हो,
मेरे हर ख़्याल में तुम।
प्यार की कोई परिभाषा नहीं,
बस एहसास होता है,
जब तेरी एक झलक मिलती है,
दिल कहाँ थम जाता है।