रोता हूँ तो कोई नहीं देखता,
हँसता हूँ तो सब देख लेते हैं,
यही दुनिया का दस्तूर है,
ग़म छुपाओ, ख़ुशी बाँटो।
Rota hoon to koi nahi dekhta,
Hansta hoon to sab dekh lete hain,
Yahi duniya ka dastoor hai,
Gham chupaao, khushi baanto.
روتا ہوں تو کوئی نہیں دیکھتا
ज़िंदगी का यह सफ़र,
कभी-कभी बहुत थका देता है,
जब कोई साथ नहीं होता,
तब रास्ता और लंबा लगता है।
रात के अँधेरे में,
दिल का दर्द बढ़ जाता है,
कोई साथ नहीं होता,
अकेलापन घेर लेता है।
तन्हा रातों में जब नींद नहीं आती,
तेरी यादें आकर सता जाती हैं,
मन की बात किसे कहूँ,
खुद से भी तो शर्म आती है।