बोलता नहीं, बस चलता हूँ,
एटीट्यूड खुद बोलता है,
मेरी ख़ामोशी में जो दम है,
वो हर शोर को डुबोता है।
Bolta nahi, bas chalta hoon,
Attitude khud bolta hai,
Meri khamoshi mein jo dam hai,
Woh har shor ko dubota hai.
بولتا نہیں، بس چلتا ہوں، ایٹیٹیوڈ خود بولتا ہے
अपनी शर्तों पर जीता हूँ,
दूसरों की नहीं मानता,
मेरी ज़िंदगी, मेरे नियम,
यह सच हर कोई जानता।
मेरा वक़्त आएगा,
दुनिया देखती रहे,
मेहनत और हौसले से,
मेरी मंज़िल खुद चले।
मेरी ज़ुबान पर ताला नहीं,
दिल में डर नहीं,
जो सच है वो कहता हूँ,
किसी की परवाह नहीं।