बुरा नहीं मानता तुमसे,
बस दिल जलता है,
जो सपने देखे थे मिलकर,
वो अब अकेला देखता है।
Bura nahi maanta tumse,
Bas dil jalta hai,
Jo sapne dekhe the milkar,
Woh ab akela dekhta hai.
برا نہیں مانتا تم سے، بس دل جلتا ہے
एक बार और मिलते काश,
दिल की बात कहते,
जो अधूरा रह गया था,
उसे पूरा करते।
तेरी कमी महसूस होती है,
हर लम्हे, हर पल में,
जहाँ गए साथ मिलकर,
वहाँ अकेला हूँ अब मैं।
तू ही था मेरा,
सब कुछ एक,
पर तूने छोड़ा,
तोड़कर दिल नेक।