देश की मिट्टी से बना हूँ,
इसी मिट्टी में मिलूँगा,
भारत माँ का क़र्ज़ अदा करने,
हर मुश्किल से लड़ूँगा।
Desh ki mitti se bana hoon,
Isi mitti mein miloonga,
Bharat Maa ka qarz ada karne,
Har mushkil se ladoonga.
دیش کی مٹی سے بنا ہوں، اسی مٹی میں ملوں گا
"Desh Ki Mitti" एक जोशीली Desh Bhakti Shayari है जो भारत माँ के प्रति प्यार और समर्पण को शब्दों में उतारती है। स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और अन्य राष्ट्रीय पर्वों पर ऐसी शायरियाँ दिल में देशभक्ति का जज़्बा जगाती हैं।
रामधारी सिंह दिनकर, सुभद्रा कुमारी चौहान और हरिवंशराय बच्चन ने अपनी कविताओं से भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आग भरी थी। यह Desh Bhakti Shayari उसी परंपरा को आगे बढ़ाती है। dailyshayari.in पर ऐसी और भी देशभक्ति शायरी मिलेगी।
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भारत माँ,
तू मेरी ज़िंदगी है,
तेरी ख़ातिर जीना,
मेरी ज़िम्मेदारी है।
आज़ादी की क़ीमत,
ख़ून से चुकाई गई,
हर शहीद की क़ुर्बानी से,
यह धरती सजाई गई।
भारत माता की शान,
हर भारतीय की पहचान,
इस धरती पर जन्म लेना,
सबसे बड़ा वरदान।