Desh Ki Mitti
देश की मिट्टी से बना हूँ,
इसी मिट्टी में मिलूँगा,
भारत माँ का क़र्ज़ अदा करने,
हर मुश्किल से लड़ूँगा।
Desh ki mitti se bana hoon,
Isi mitti mein miloonga,
Bharat Maa ka qarz ada karne,
Har mushkil se ladoonga.
دیش کی مٹی سے بنا ہوں، اسی مٹی میں ملوں گا
Made from this country's soil, the speaker will return to it, and will fight every difficulty to repay the debt to Mother India.
मिट्टी की ख़ुशबू में,
माँ का प्यार है,
इस ज़मीन पर मरना भी,
मेरा अधिकार है।
आज़ादी का मतलब,
सिर्फ़ झंडा फहराना नहीं,
उन शहीदों को याद करना,
जो आए और गए वापस नहीं।
सरहद पर जो खड़ा है,
वो नहीं सोचता ठंड-गर्मी,
माँ की गोद से दूर है,
पर दिल में है दर्मी।
इंक़लाब की आग,
आज भी जलती है,
भगत सिंह की कहानी,
हर दिल में पलती है।
तिरंगा जब लहराता है,
दिल में जोश आता है,
यह रंग नहीं, जज़्बा है,
जो रगों में उबलता है।
जब-जब भारत पुकारे,
हम चल दिए,
सर पर कफ़न बाँधकर,
मैदान में निकल पड़े।