देश की मिट्टी से बना हूँ,
इसी मिट्टी में मिलूँगा,
भारत माँ का क़र्ज़ अदा करने,
हर मुश्किल से लड़ूँगा।
Desh ki mitti se bana hoon,
Isi mitti mein miloonga,
Bharat Maa ka qarz ada karne,
Har mushkil se ladoonga.
دیش کی مٹی سے بنا ہوں، اسی مٹی میں ملوں گا
आज़ाद हैं हम,
शहीदों की बदौलत,
उनकी क़ुर्बानी याद करो,
हर पल, हर घड़ी।
माँ का यह दिया आशीर्वाद,
देश की सेवा करना,
हर हाल में भारत के लिए,
अपना सब कुछ देना।
इंक़लाब की आग,
आज भी जलती है,
भगत सिंह की कहानी,
हर दिल में पलती है।