हिम्मत रखो, आगे बढ़ो,
रास्ते तुम खुद बनाओ,
दुनिया नहीं देती राह,
अपनी मंज़िल खुद पाओ।
Himmat rakho, aage badho,
Raaste tum khud banaao,
Duniya nahi deti raah,
Apni manzil khud paao.
ہمت رکھو، آگے بڑھو، راستے تم خود بناؤ
सोच बदलो, दुनिया बदलेगी,
नज़रिया बदलो, राहें बदलेंगी,
ख़ुद को बदलो पहले,
फिर ज़माना बदल जाएगा।
अँधेरे से डरो मत,
रोशनी ख़ुद आएगी,
जो हार न माने कभी,
उसकी जीत ज़रूर आएगी।
मंज़िल पाने के लिए,
रात-दिन एक करने पड़ते हैं,
जो आराम में पड़े रहते हैं,
वो मंज़िल नहीं पाते।