Khamoshi Ki Dastaan
ख़ामोशी की दास्तान,
बयाँ नहीं होती,
तुझसे बिछड़ने के बाद,
ज़ुबान नहीं खुलती।
Khamoshi ki daastaan,
Bayaan nahi hoti,
Tujhse bichharne ke baad,
Zubaan nahi khulti.
خاموشی کی داستان، بیان نہیں ہوتی
The story of this silence cannot be told; since the separation, the speaker simply cannot speak. Grief is shown as something that takes away words.
अलविदा कह दिया तूने,
दिल तोड़ दिया तूने,
जो यादें दी थीं तूने,
वो दर्द बन गई अब।
वो रिश्ता टूट गया,
जो बड़े प्यार से बना था,
एक पल में बिखर गया,
जो सालों से सजा था।
पहली और आख़िरी मोहब्बत थी तुम,
और तुमने ही छोड़ दिया मुझे,
दिल ने चाहा था हमेशा को,
मगर तक़दीर ने तोड़ दिया मुझे।
टूट के भी मैं मुस्कुराता हूँ,
तेरी याद में खो जाता हूँ,
ब्रेकअप हुआ पर दिल न माना,
तुझे अब भी चाहता हूँ।
तेरी कमी महसूस होती है,
हर लम्हे, हर पल में,
जहाँ गए साथ मिलकर,
वहाँ अकेला हूँ अब मैं।
छोड़ गए तुम, छोड़ गए,
दिल के टुकड़े कर गए,
जो बाते कीं थी तुमने,
वो झूठ निकली आखिर में।