ख़ामोशी की दास्तान,
बयाँ नहीं होती,
तुझसे बिछड़ने के बाद,
ज़ुबान नहीं खुलती।
Khamoshi ki daastaan,
Bayaan nahi hoti,
Tujhse bichharne ke baad,
Zubaan nahi khulti.
خاموشی کی داستان، بیان نہیں ہوتی
तेरी राह में,
काँटे बिछा गए,
pर मैं चलता रहा,
तेरे ख़्वाब लिए।
जो था वो गया,
जो जाना था वो जाना,
दिल से दिल मिला था,
पर वक़्त ने तोड़ा फ़साना।
तेरी आख़िरी बात,
दिल में घर कर गई,
जो कहा तूने आख़िर,
ज़िंदगी भर याद रही।