ख़ामोशी मेरी बात कहती है,
शब्दों की ज़रूरत नहीं।
Khamoshi meri baat kehti hai,
Shabdon ki zaroorat nahi.
خاموشی میری بات کہتی ہے،
الفاظ کی ضرورت نہیں۔
दिल बोलता है,
शायरी में जो ज़बान नहीं बोल पाती।
अपनी राह खुद बनाता हूँ,
किसी के नक्शे-क़दम पर नहीं चलता।
दर्द मेरा दोस्त है,
शायरी मेरी दवा।