माता की आरती उतारो,
उसकी महिमा गाओ,
जो माँ का आशीर्वाद पाए,
उसे कोई रोक नहीं सकता।
Mata ki aarti utaaro,
Uski mahima gaao,
Jo maa ka aashirwaad paaye,
Use koi rok nahi sakta.
ماتا کی آرتی اتارو، اس کی مہیما گاؤ
"Mata Ki Aarti" एक श्रद्धापूर्ण Bhakti Shayari है जो ईश्वर के प्रति भक्ति और समर्पण को अभिव्यक्त करती है। हिंदी और उर्दू साहित्य में भक्ति का स्थान सबसे ऊँचा रहा है — मीरा, कबीर, तुलसीदास से लेकर आधुनिक भजनों तक।
यह Bhakti Shayari ईश्वर की महिमा और उनकी कृपा का बखान करती है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे या किसी भी धार्मिक अवसर पर इस शायरी को शेयर करें। dailyshayari.in पर ऐसी और भी Bhakti Shayari मिलेंगी।
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भगवान की कृपा से,
सब कुछ मिलता है,
जो मन से माँगो उससे,
ज़रूर फल मिलता है।
गीता का ज्ञान अमर है,
कृष्ण ने जो कहा,
कर्म करो फल की चिंता न करो,
यही जीवन का सिलसिला।
मंदिर की घंटी बजती है,
मन प्रफुल्लित हो जाता है,
भगवान के दर्शन से,
जीवन धन्य हो जाता है।