मेरी पहचान मेरे लफ़्ज़ हैं,
बाकी सब बेमानी।
Meri pehchaan mere lafz hain,
Baaki sab bemaani.
میری پہچان میرے الفاظ ہیں،
باقی سب بے معنی۔
ना उम्मीद नहीं हूँ,
उम्मीद ही मेरी शायरी है।
वक़्त का फ़क़ीर हूँ,
पल-पल जीता हूँ।
दर्द को शब्दों में लिखा,
शायर बन गया।