ओंकार की ध्वनि से,
मन को शांति मिलती है,
यह ब्रह्मांड का नाद है,
जो आत्मा को छूती है।
Omkar ki dhwani se,
Mann ko shaanti milti hai,
Yeh brahmaand ka naad hai,
Jo aatma ko chhooti hai.
اوم کار کی آواز سے، من کو شانتی ملتی ہے
दुर्गा माँ की जय हो,
नवरात्रि का त्यौहार आया,
माँ के नौ रूपों को,
दिल से अपनाया।
पूजा का फूल चढ़ाओ,
भगवान को ध्यान लगाओ,
मन की शांति पाओ,
यही है सच्ची भक्ति।
ईश्वर का नूर हर जगह,
हर दिल में बसता है,
जो मन से माँगे उससे,
उसे ज़रूर मिलता है।