बारिश आई तो याद आए वो,
धुंध छाई तो याद आए वो,
हर मौसम में, हर लम्हे में,
बस तुम्हारी ही याद आती है।
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बारिश आई तो याद आए वो,
धुंध छाई तो याद आए वो,
हर मौसम में, हर लम्हे में,
बस तुम्हारी ही याद आती है।
मोहब्बत में धोखा मिला,
यक़ीन का क़त्ल हुआ,
अब किसी पर भरोसा करना,
मुश्किल है बहुत।
आँसू बहाना भी एक कला है,
हर वक़्त नहीं रोया जाता,
कभी-कभी मुस्कुराकर,
दिल का दर्द भी छुपाया जाता है।
ज़िंदगी के इस सफ़र में,
हर क़दम पर अकेला हूँ,
जो साथ चलते थे वो छोड़ गए,
अब साये से भी डरता हूँ।
रोता हूँ तो कोई नहीं देखता,
हँसता हूँ तो सब देख लेते हैं,
यही दुनिया का दस्तूर है,
ग़म छुपाओ, ख़ुशी बाँटो।
दर्द को शब्दों में कहाँ कह सकता हूँ,
चुप रहकर भी तो दुखता है दिल,
जो समझे वो साथ है मेरे,
जो न समझे वो भीड़ में शामिल।
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।
सपने वो नहीं जो रात को आएँ,
सपने वो हैं जो सोने न दें,
उन्हें पूरा करने की चाहत,
ही इंसान को आगे ले जाए।
रोता हूँ तो कोई नहीं देखता,
हँसता हूँ तो सब देख लेते हैं,
यही दुनिया का दस्तूर है,
ग़म छुपाओ, ख़ुशी बाँटो।