रुक जाना नहीं तुझे,
राहें कठिन हों तो भी,
सपनों का पीछा करना,
मंज़िल मिलेगी तो भी।
Ruk jaana nahi tujhe,
Raahen kathin hon to bhi,
Sapnon ka pichha karna,
Manzil milegi to bhi.
رک جانا نہیں تجھے، راہیں کٹھن ہوں تو بھی
उड़ान भरने वाले,
ज़मीन नहीं देखते,
आसमान ही उनकी मंज़िल है,
वो रुकते नहीं, थकते नहीं।
कल जो बीत गया, बीत गया,
आज जो है, वो तुम्हारा है,
कल जो आएगा, उसे बनाओ,
यही ज़िंदगी का सार है।
तूफ़ान से डरना कैसा,
तूफ़ान हम खुद बनेंगे,
कोई रोक नहीं सकता,
जब हम ठान लेंगे।