तन्हा हूँ, मगर ख़ुश हूँ,
ख़ुद की संगत काफ़ी है।
Tanha hoon, magar khush hoon,
Khud ki sangat kaafi hai.
تنہا ہوں، مگر خوش ہوں،
خود کی صحبت کافی ہے۔
दिल का शायर हूँ,
ज़ुबान ख़ामोश है।
रूह का मुसाफ़िर हूँ,
जिस्म का बंधन नहीं।
आँखों में सपने हैं,
दिल में हौसला।