तेरी परछाईं साथ रहती है,
जब भी अकेला होता हूँ,
तेरा एहसास ही काफ़ी है,
खुशियाँ मुझे मिल जाती हैं।
Teri parchhaayi saath rehti hai,
Jab bhi akela hota hoon,
Tera ehsaas hi kaafi hai,
Khushiyan mujhe mil jaati hain.
تیری پرچھائیں ساتھ رہتی ہے، جب بھی اکیلا ہوتا ہوں
आँखें मिलीं तो दिल खो गया,
बात हुई तो होश उड़ गया,
तुम्हें देखकर लगा जैसे,
ये दुनिया मेरी हो गई।
वो ख़्वाब जो तेरे साथ देखे,
आज भी आँखों में हैं,
तू चाहे पास हो या दूर,
यादें तेरी बाकी हैं।
तेरी मुस्कुराहट देखकर,
दिल बेक़रार हो जाता है,
जैसे बारिश में भीगी मिट्टी,
की ख़ुशबू आ जाती है।