तेरी राह में,
काँटे बिछा गए,
pर मैं चलता रहा,
तेरे ख़्वाब लिए।
Teri raah mein,
Kaante bichhaa gaye,
Par main chalta raha,
Tere khwaab liye.
تیری راہ میں، کانٹے بچھا گئے
मोहब्बत का अंत,
दर्द देता है,
जो प्यार से मिला था,
रोता छोड़ जाता है।
ख़ुद को संभालो,
टूटने की ज़रूरत नहीं,
जो गया वो गया,
ज़िंदगी रुकती नहीं।
बुरा नहीं मानता तुमसे,
बस दिल जलता है,
जो सपने देखे थे मिलकर,
वो अब अकेला देखता है।