आँसू बहाना भी एक कला है,
हर वक़्त नहीं रोया जाता,
कभी-कभी मुस्कुराकर,
दिल का दर्द भी छुपाया जाता है।
Aansu bahana bhi ek kala hai,
Har waqt nahi roya jaata,
Kabhi kabhi muskura kar,
Dil ka dard bhi chupaaya jaata hai.
آنسو بہانا بھی ایک کلا ہے
दर्द को शब्दों में कहाँ कह सकता हूँ,
चुप रहकर भी तो दुखता है दिल,
जो समझे वो साथ है मेरे,
जो न समझे वो भीड़ में शामिल।
ग़म का साथी बन गई रात,
दिन तो बस गुज़रता है,
सुबह होने से डर लगता है,
फिर वही दर्द उभरता है।
वो चले गए और छोड़ गए,
यादों का एक सिलसिला,
अब हर मोड़ पर मिलते हैं,
उनके जाने के निशां।