आँसू बहाना भी एक कला है,
हर वक़्त नहीं रोया जाता,
कभी-कभी मुस्कुराकर,
दिल का दर्द भी छुपाया जाता है।
Aansu bahana bhi ek kala hai,
Har waqt nahi roya jaata,
Kabhi kabhi muskura kar,
Dil ka dard bhi chupaaya jaata hai.
آنسو بہانا بھی ایک کلا ہے
रूह की बात जिस्म नहीं समझता,
दिल की बात ज़माना नहीं समझता,
यह दर्द मेरा अपना है,
इसे अब मैं ही समझता हूँ।
बारिश आई तो याद आए वो,
धुंध छाई तो याद आए वो,
हर मौसम में, हर लम्हे में,
बस तुम्हारी ही याद आती है।
ज़िंदगी के इस सफ़र में,
हर क़दम पर अकेला हूँ,
जो साथ चलते थे वो छोड़ गए,
अब साये से भी डरता हूँ।