ज़िंदगी का यह सफ़र,
कभी-कभी बहुत थका देता है,
जब कोई साथ नहीं होता,
तब रास्ता और लंबा लगता है।
Zindagi ka yeh safar,
Kabhi kabhi bahut thaka deta hai,
Jab koi saath nahi hota,
Tab raasta aur lamba lagta hai.
زندگی کا یہ سفر، کبھی کبھی بہت تھکا دیتا ہے
कभी-कभी ख़ामोशी ही,
सब कुछ कह देती है,
जो बात लफ़्ज़ों में न हो,
आँखें वो पढ़ लेती हैं।
आँसू बहाना भी एक कला है,
हर वक़्त नहीं रोया जाता,
कभी-कभी मुस्कुराकर,
दिल का दर्द भी छुपाया जाता है।
तुम्हारी याद आती है रोज़ रात को,
आँखें बंद हों या खुली, बस तुम ही हो,
ये नींद भी अजीब है मेरी,
जागते हुए भी सपने दिखाती है।