दुनिया की परवाह नहीं,
मैं खुद में काफ़ी हूँ,
जो मुझे जाने, वो जाने,
मुझे ख़ुद पर नाज़ है।
Duniya ki parwah nahi,
Main khud mein kaafi hoon,
Jo mujhe jaane, woh jaane,
Mujhe khud par naaz hai.
دنیا کی پرواہ نہیں، میں خود میں کافی ہوں
शेर की तरह जीते हैं हम,
भेड़ों की तरह नहीं,
राजाओं की रीत है हमारी,
किसी से नहीं डरते।
मैं बादशाह हूँ अपनी दुनिया का,
कोई दे नहीं सकता मुझे मात,
मेरी हर बात में दम है,
यही है मेरी औकात।
जलवा है मेरा हर तरफ़,
नज़रें टिकती हैं मुझ पर,
यह मेरा एटीट्यूड है,
जो सबको दीवाना करता है।